Shiv Chalisa
शिव चालीसा
Doha
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥
Chaupai (40 Verses)
40
Ending Doha
ऋनिया जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो पावन हारी॥
पुत्रहीन जो कोई होई। निश्चय शिव प्रसाद पुत्र होई॥
पण्डित त्रयोदशी को लावे। ध्यान पूर्वक होम करावे॥
त्रयोदशी व्रत करै हमेशा। ता पर प्रसन्न होत शिव ऊमेशा॥
पुत्रहीन जो कोई होई। निश्चय शिव प्रसाद पुत्र होई॥
पण्डित त्रयोदशी को लावे। ध्यान पूर्वक होम करावे॥
त्रयोदशी व्रत करै हमेशा। ता पर प्रसन्न होत शिव ऊमेशा॥